Fouaad Mirza Biography in Hindi : फौआद मिर्जा का जन्म 6 मार्च 1992 को हुआ था। फौआद मिर्जा हमारे भारत देश के एक बेहतरीन घुड़सवारी है।

जिन्होंने 2018 में एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा और टीम स्पर्धा दोनों में रजत पदक हासिल की थी। वह 1982 के बाद एशियाई खेलों में व्यक्तिगत घुड़सवारी स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।

मिर्जा ने 2020 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया इम्तियाज अनीस (2000) के बाद खेलों में भाग लेने वाले पहले भारतीय घुड़सवार बन गए। मिर्जा का जन्म बेंगलुरु में हुआ था और उनके पिता डॉ हसनिन मिर्जा भारत के सिर्फ घोड़े के पशु चिकित्सकों में से एक थे।

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मिर्जा एक भारतीय घुड़सवारी है जैसा कि मैंने आपको बताया उनका जन्म 6 मार्च 1992 को हुआ था वह खुद घुड़सवारी के परिवार से हैं उनके पिता डॉ हसनिन मिर्जा भी एक घुड़सवारी थे बड़े होकर यह भी एक घुड़सवारी करना चाहते थे और मिर्जा के आसपास सिर्फ घोड़े ही घोड़े होते थे.

इस तरह वह घुड़सवारी का खेल के प्रति झुकाव बढ़ने लगा और वह अपने काम में आगे बढ़ते रहे और उन्होंने महज 5 साल की उम्र में ही घुड़सवारी करना शुरू कर दिया था जो कि एक बच्चे के लिए बहुत मुश्किल होता है।

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लेकिन मिर्जा के अंदर बचपन से ही घुड़सवारी करने का शौक था जुनून था जिस वजह से वह 5 साल की उम्र में ही घुड़सवारी करना शुरू कर दिए थे और जल्दी उनमें इस खेल के प्रति जुनून पैदा हो गया।

Fouaad Mirza Biography in Hindi – Age, Height, Olympics

fouaad mirza biography in hindi
नाम (Name)फौआद मिर्जा
जन्म (Birth Date)6 मार्च 1992
पिता का नाम (Father Name)डॉ हसनिन मिर्जा
आयु (Age)29
जन्म स्थान (Birth Place)बेंगलुरु, कर्नाटका इंडिया
स्पोर्ट्स (Sports/Discipline)Equestrian (घुड़सवार)
वर्किंग रैंकिंग (Working Ranking)74
फर्स्ट ओलंपिक गेम्स (First Olympic Games)2020 टोक्यो गेम्स
इंस्टाग्राम (Instagram)@fauaadmirza
राशि (Zodiac Sign)Pisces

मैं आपको बता दूं मिर्जा ने अपने स्कूल के दिनों में घुड़सवारी करना शुरू कर दिया था और उस में भाग लेना शुरू कर दिया था हालांकि वह अपने करियर में बहुत समय के बाद समर्थक बन गए।

जैसा कि मैंने आपको बताया फवाद के पिता हसनिन भी एक घुड़सवार रह चुके थे इसलिए उन्होंने अपने दोनों बेटों को फवाद और एली ऑस्कर को भी घोड़ों की बारे में बताया और उन्हें यह भी बताया कि घरों से लगाओ कैसे रखते हैं उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान इस बारे में बात किया था।

और यह बताया की वह एक Stud फॉर्म में काम किया करते थे और उनके साथ इस दौरान कुछ दोस्त भी हुए करते थे और कहीं ना कहीं यह उनका पुश्तैनी काम हुआ करता था।

आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि दोनों बेटे इस काम में बहुत ही माहिर हैं और इसी कारण से यह दोनों साथ भी रहे और घोड़ों की देखभाल करते रहें इन दोनों ने घोड़ों के साथ काफी समय एक साथ बिताया है जिस वजह से इन लोगों को घोड़ों के साथ रहना बहुत पसंद था।

क्या आप जानते हैं फवाद मिर्जा के दादाजी भी एक घुड़सवार रह चुके थे और वह अपनी घुड़सवारी 61वी सदी के समय सेना अधिकारी रह चुके थे।

घुड़सवारी के मामले में हमारे भारतीय देश से बहुत कम लोग ही अपना नाम कमाएं और अपने देश का नाम रोशन किया लेकिन इन सारे नामों में से अब एक नाम और जुड़ गया है वह है फवाद मिर्जा का इन्होंने ओलंपिक खेलों में सिर्फ अपना कमाल ही नहीं दिखाया है बल्कि ओलंपिक खेलों में घुड़सवारी से हमारे दिलों में अपनी जगह बनाने में भी सफल रहे हैं और बहुत सारे लोग मिर्जा को बहुत दिल से प्यार करते हैं।

फवाद मिर्जा ऐसे तीसरे भारतीय व्यक्तिगत घुड़सवार हैं जो इंद्रजीत लांबा और इम्तियाज अनीस के बाद ओलंपिक में भारत का परचम बुलंद करने में सफल हो गए मिर्जा टोक्यो ओलंपिक में फाइनल तक पहुंचे लेकिन इसके आगे उन्होंने कोई पदक नहीं जीत पाया।

लेकिन फिर भी यहां तक पहुंचने के लिए भी बहुत मेहनत लगती है जो कि हमारे मिर्जा जी ने करके दिखाया अब दोस्तों मैं आपको बताता हूं फवाद मिर्जा की पूरी बायोग्राफी उनका लाइव उनका करियर और मैं आपको मिर्जा के करियर के बारे में कुछ ऐसे खास बातें भी बताऊंगा तो आइए जानते हैं।

Fouaad Mirza’s Career in Hindi

Fouaad Mirza ने जकार्ता में एशियाई खेलों में 2018 में, इक्वेस्ट्रियन जंपिंग फाइनल में रजत पदक को हासिल किया था जो कि एक भारतीय के लिए बहुत बड़ी बात है।

जैसा कि मैंने आपको बताया फवाद मिर्जा एक बेहतरीन घुड़सवार है और इसी वजह से उन्होंने काफी पुरस्कार को जीता है जिसमें से 2019 में, अर्जुन पुरस्कार को भी जीता था।

मैं आपको बता दूं अक्टूबर 2019 में, मिर्जा ने पोलैंड के स्ट्रेचगोम मैं आयोजित CCI3*-S इवेंट में स्वर्ण पदक को भी हासिल किया है।

7 जनवरी 2020 को मिर्जा ने दक्षिण पूर्व एशिया ओसोनिया समूह में पहले स्थान पर रहने के बाद 2020 के टोक्यो ओलंपिक खेल के लिए क्वालीफाई किया और वह पिछले 30 सालों में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय घुड़सवार बने इससे यह साफ जाहिर होता है कि मिर्जा अपने काम के लिए इतना जुनूनी थे और इसी वजह से आज भारत का नाम रोशन मिर्जा ने अपनी मेहनत से किया है।

फवाद मिर्जा 2000 के बाद से ओलंपिक में भाग लेने वाले वह पहले भारतीय घुड़सवार होंगे क्योंकि इससे पहले केवल दो भारतीय घुड़सवार ने ओलंपिक में भाग लिया था जोकि 1996 में, इंद्रजीत लानत है और 2000 में इम्तियाज अनीस थे।

इसके बाद फवाद मिर्जा के पास ईवेटिंग मैं तो अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हैं और तीन रजत पदक हैं जो कि एक भारतीय के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

Fouaad Mirza – Early Life , Family & Background in Hindi

  • फवाद मिर्जा मैसूर राज्य की शाही वंश में से एक थे मिर्जा के पिता डॉ हसनिन मिर्जा घुड़सवारी के साथ-साथ पशु चिकित्सक भी थे। मिर्जा के जिंदगी में घोड़ों का बहुत ही पड़ा अच्छा रहा है क्योंकि मिर्जा अपने बचपन से ही घरों के आसपास रहे हैं। घरों के साथ अपना समय बिताया है और यह भी सीखा है कि खोलो के साथ प्यार कैसे करना चाहिए उसे समझना कैसे चाहिए।
  • जैसा कि मैंने आपको बताया फवाद मिर्जा ने अपने बचपन से ही घरों की सवारी करना शुरू कर दिया था। वह स्कूल जाते थे और वहां से आने के बाद सीधा घोड़ों की सवारी करने निकल जाते थे और खोरो की सवारी करने का उनका जुनून स्वभाविक रूप से बढ़ रहा था। वह एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कर्नल राजेश पट्टू की तरह बनना चाहते हैं कर्नल राजेश करने मार्क वुड के अंतरराष्ट्रीय करियर की कैसेट भी मिर्जा को दी थी। ताकि वह देखें और उससे कुछ सीखें और मिर्जा उस कैसेट को कई बार देखे थे।
  • फवाद मिर्जा जब स्कूल में पढ़ते थे तब घुड़सवारी में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक लकीर खींची थी और जैसे-जैसे मिर्जा बड़े होते गए वैसे वैसे उन्होंने इसे एक ऐसे खेल में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। जिसमें मिर्जा बहुत ही अच्छे थे और जिसके बारे में उन्हें काफी जोश था फवाद ने इंग्लैंड से मनोविज्ञान और व्यवस्थाएं में डिग्री हासिल भी की है।

Fouaad Mirza: Live Streaming Details in Hindi

ओलंपिक भारत में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क विभिन्न भाषाओं में सीधा प्रशासन मैं दिया जाएगा अगर आप ऑनलाइन देखना चाहते हैं तो आप सीधा Sony Liv App और वेबसाइट पर इवेंट का लाइवस्ट्रीम भी देख सकते हैं टीवी पर दूरदर्शन टोक्यो ओलंपिक में भारत के कार्यक्रमों का प्रशासन करेगा।

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What is Fouaad Mirza’s Relationship With Horses in Hindi?

फवाद मिर्जा रोज अपनी घोड़ों के साथ प्रशिक्षण लेते हैं, और मिर्जा लगभग 12 से भी ज्यादा घंटों तक घोड़ों के साथ अस्तबल में रहते हैं अपने घोड़ों को खाना खिलाते हैं और उन्हें प्रशिक्षित करते हैं।

साथ ही साथ उन्हें हर रोज घुमाने के लिए भी ले जाते हैं। घोड़ा के साथ मिर्जा का लगाव बचपन से ही है मैहज जब वह 5 साल के थे तब से घोड़ों के साथ खेला करते थे और उसकी सवारी किया कर देते हैं मिर्जा को घुड़सवारी करना बहुत पसंद था और यही एक वजह है जो आज वह अपने भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं अपने पिता का नाम ऊंचा कर रहे हैं।

FAQ on Fouaad Mirza Biography

Q1. Fouaad Mirza कौन से धर्म से हैं? Fauaad Mirza Religion

Fouaad Mirza हिंदू धर्म से है और वह अपने भारत के लिए घुड़सवारी करते हैं।

Q2. Fouaad Mirza के परिवार मैं कौन-कौन है? Fouaad Mirza Family

फवाद मिर्जा के परिवार के बारे में ज्यादा कुछ अब तक बताया ही नहीं गया है लेकिन हां इतना पता है की फवाद मिर्जा के परिवार में उनके पिता है जिनका नाम डॉ हसनिन मिर्जा है।

Q3. Fouaad Mirza इंस्टाग्राम?

फवाद मिर्जा का इंस्टाग्राम अकाउंट फवाद मिर्जा से ही है आप चाहे तो फवाद मिर्जा को इंस्टाग्राम पर इस नाम पर सर्च करके खोज सकते हैं और उनके साथ कनेक्ट हो सकते है।

Q4. फौआद मिर्जा किस खेल से संबंधित हैं?

फौआद मिर्जा घुड़सवारी खेल से संबंधित है और यह वह कई सालों से करते आ रहे हैं और घुड़सवारी करना उनको बहुत पसंद है घुड़सवारी इनको पुश्तैनी रूप में मिला है क्योंकि फौआद मिर्जा के परिवार ज्यादातर लोग घुड़सवारी किया करते थे।