Govardhan Puja Essay in Hindi: हेलो दोस्तों! हमारा भारत देश एक त्योहारों का देश है हमारे भारत देश में ऐसे कई तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं जो बहुत ही खूबसूरत और आनंददायक एक होते हैं जैसे की दिवाली, नवरात्रि, होली इत्यादि।

कई सारे ऐसे त्यौहार हैं जो हर राज्य में मनाया जाता है जैसे कि दिवाली। दिवाली का त्यौहार रोशनी को त्यौहार होता है दिवाली जब भी आता है साथ में खुशियां लेकर आता है दिवाली को खुशियों का त्यौहार भी कहा जाता है।

दिवाली का त्यौहार कुल 5 दिनों का होता है यह 5 दिन हम सब लक्ष्मी माता की पूजा करते हैं उनकी आराधना करते हैं उन्हें 5 दिनों में गोवर्धन पूजा आता है और इसे हम सब हिंदू इस त्यौहार को बहुत ही श्रद्धा भाव से मनाते हैं।

Related:- गणेश चतुर्थी पर निबंध

दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा मनाया जाता है आज हम गोवर्धन पूजा पर निबंध के ऊपर बात करेंगे गोवर्धन पूजा क्यों मनाते हैं इसके बारे में हम सब चर्चा करेंगे आज और यह सब निबंध हर एक कक्षाओं के लिए मददगार होगा।

गोवर्धन पूजा पर निबंध (200 Words)

Govardhan Puja Essay in Hindi

गोवर्धन पूजा हमारे भारत देश का बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है यह त्योहार दिवाली के दूसरे दिन आता है इस त्यौहार को हम हिंदू बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं।

हर साल दिवाली के अगले दिन इस त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है इस दिन घर में सभी सदस्य बहुत जल्दी स्नान कर लेते हैं देवी अन्नपूर्णा को प्रभावित करने के लिए इस दिन 56 तरह के अलग अलग वस्तुएं बनाई जाती है।

आज के दिन हम सभी श्रद्धा से हमारी गाय माता की पूजा करते हैं और इस पर्व को दिल से मनाते हैं क्या आपको पता है जब गोवर्धन पर्वत को बचाया गया था इसकी खुशी में लोग बहुत खुश हुए थे क्योंकि उनके भोजन का स्रोत बच गया था।

और दिल से श्रद्धांजलि के रूप में सारे लोग अन्नपूर्णा माता को अलग-अलग प्रकार की खाद सामग्री प्रदान करना शुरू कर दिए गोवर्धन पूजा हम सभी को चाय बच्चे हों या बड़े हो हम सभी को बहुत कुछ सिखाता है।

Also Read:- Pollution Essay in Hindi 

किस में सबसे पहली सीखिए की सारे लोगों को वही करना चाहिए जो हमेशा सही हो अगर आप सही काम करेंगे तब भगवान भी आपका पूरा साथ देगा लेकिन आप गलत काम करेंगे गलत रास्ते पर चलेंगे तब भगवान भी आपका साथ नहीं देगा।

गोवर्धन पूजा पर निबंध (400 Words)

गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म का सबसे पावन त्यौहार है क्योंकि इस दिन गाय माता की पूजा की जाती है यह त्योहार दिवाली दूसरे दिन मनाया जाता है यह त्यौहार भारत में ज्यादातर उत्तरी हिस्से में खूब धूमधाम से मनाया जाता है।

इस दिन लोग सुबह सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करते हैं फिर घर में अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाते हैं माताएं पूजा करती हैं गोवर्धन पूजा के दिन पृथ्वी पर हमारे भगवान श्री कृष्ण द्वारा किए जाने वाले कार्य में से एक है।

यह कार्य हमारे भारत के उत्तर प्रदेश शहर में मथुरा राज्य में किया गया था इसलिए गोवर्धन पूजा को मथुरा में बहुत ही धूमधाम से लोग मनाते हैं यह दिन लोग बहुत ही शुभ मानते हैं और इसे हर साल उतना ही उत्साह के साथ मनाते हैं।

गोवर्धन पूजा क्या है?

गोवर्धन पूजा हम हिंदुओं का बहुत ही पवित्र पूजा है इस दिन हम गाय माता की पूजा करते हैं उनको तिलक लगाते हैं उनको माला पहनाते हैं इस दिन हमारे भगवान श्री कृष्ण की मूर्तियां बनाई जाती हैं और अलग-अलग तरह के भोजन मिठाईयां खिलाई जाती है।

महिलाएं इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करती हैं उनकी भजन करती हैं गाय माता को माला पहनाते हैं उनकी पूजा करती हैं और इस दिल को देवराज इंद्र पर हमारे भगवान श्री कृष्ण के विजय के रूप में इस त्यौहार को मना जाता है।

गोवर्धन पूजा हम क्यों मनाते हैं?

गोवर्धन पूजा मनाने के पीछे बहुत ही सच्ची कहानी है हमारे भारत में बहुत तरह के त्योहारों को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है और हर त्यौहार के पीछे कोई ना कोई कारण है।

उसके पीछे कोई ना कोई एक ऐतिहासिक कहानी है जिसके बारे में आपको जानकारी होना बहुत जरूरी है अगर आप भारतीय हो तो हमारे भारत में बहुत तरह के त्योहार होते हैं उन सभी त्योहारों का इतिहास आपको मालूम होना चाहिए।

हिंदू धर्म के मुताबिक गोवर्धन पूजा मनाने के पीछे कारण है लोग ऐसा कहते हैं भगवान श्री कृष्ण ने आज ही के दिन गोवर्धन की पूजा की थी और देवराज इंद्र का घमंड तोड़ा था।

इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने देवराज इंद्र की पूजा करने के लिए मना कर दिया था और गोवर्धन की पूजा की शुरुआत की थी इसी वजह से आज के दिन गोवर्धन पूजा को मनाया जाता है और गाय माता के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर हम उसकी पूजा करते हैं।

गोवर्धन पूजा पर निबंध (800 Words)

गोवर्धन पूजा जिसे हम अंत्रकुट पूजा के नाम से भी जानते हैं आज के दिन भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का अहंकार तोड़कर उसकी पूजा ना करके गोवर्धन की पूजा की थी तब से गोवर्धन पूजा पर्व को मनाना जाने लगा।

इस त्यौहार को लोग बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि यह त्यौहार जब आता है सब लोग ऐसा मानते हैं कि इस दिन हमें खुश रहना चाहिए तब आने वाला समय भी हमारा खुशहाल गुजरता है।

भारत देश बहुत सारे धर्मों का देश है हमारे भारत में बहुत सारे धर्मों के लोग रहते हैं अलग-अलग त्यौहार मनाते हैं अलग-अलग पूजा करते हैं भारत के उत्तरी तरफ हम रावण को जलाते हैं।

Check this Also:- global warming essay in Hindi

और भारत के दक्षिण तरफ लोग रावण की पूजा करते हैं और ऐसे कई सारे त्यौहार हैं जो लोग बहुत ही प्यार से मनाते हैं उसे त्यौहार में गोवर्धन पूजा भी आता है गोवर्धन पूजा को मथुरा में लोग बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं।

गोवर्धन पूजा का महत्व हिंदी में

पूजा त्यौहार का महत्व हम हिंदुओं के लिए बहुत ज्यादा है क्योंकि आज के दिन देवराज इंद्र पर हमारे भगवान श्री कृष्ण की विजय के रूप में मनाया जाता है क्या आप जानते हैं।

भगवान श्री कृष्ण भगवान विष्णु के एक अवतार है जो इस दुनिया में भगवान श्री कृष्ण का अवतार लेकर आए थे भगवान विष्णु ने राक्षसों का वध करने के लिए इस क्रूर दुनिया में कदम रखा था।

भगवान श्री कृष्ण सारे गांव वासियों को पहाड़ की पूजा करने का आदेश दिया था क्योंकि सारे गांव वासियों को और सारे जानवरों के लिए भोजन वहीं से आया करता था इसके बाद सारे गांव वासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा आराधना करने लगे।

जब यह दृश्य भगवान इंद्र ने देखा तब वह बहुत खुश हुए उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने पल भर में बारिश शुरु कर दी और यह कम से कम 7 दिनों तक चलता रहा।

जब 7 दिनों तक लगातार बारिश होती रहे तब लोग परेशान हो गए तभी उसी बीच हमारे भगवान श्री कृष्ण ने अपनी एक उंगली पर पहाड़ को उठाया और वहां से लोको आश्रय दिया इसी के बाद भगवान इंद्र को अपनी गलती का एहसास हो गया था।

इसके बाद भगवान इंद्र ने पृथ्वी पर आकर भगवान श्री कृष्ण से क्षमा मांगी और जब भगवान श्री कृष्णा 7 दिनों के बाद पृथ्वी पर गोवर्धन पर्वत को रखा तब लोगों ने इस त्यौहार को उत्सव के रूप में मनाना शुरू कर दिया।

गोवर्धन पूजा कैसे मनाया जाता है

गोवर्धन पूजा अलग-अलग जगह पर अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है लेकिन ज्यादातर लोग इस दिन भगवान श्री कृष्ण की मूर्तियां बनाते हैं वह भी गाय के गोबर से सूची यह भारतीय पौराणिक कथाओं मैं पवित्र माना जाता है।

ऐसे लोग अलग-अलग तरह के भोजन भरे बर्तन रखते हैं गोवर्धन पूजा के दिन 56 तरह का व्यंजन बनता है और सबसे पहले भगवान श्री कृष्ण को परोसा जाता है और आज के दिन लोग भगवान श्री कृष्ण देवी अन्नपूर्णा और हमारी गाय माता इन सब की पूजा करते हैं उनकी अराधना करते हैं।

भगवान श्री कृष्ण मथुरा में ही रहते थे इसलिए मथुरा के लोग इस त्यौहार को बहुत ही उत्साह के साथ मनाते हैं हमारे भारत में अलग-अलग जगह पर इसे अलग-अलग तरीकों से भी मनाया जाता है।

गोवर्धन पूजा के दिन हमें क्या नहीं करना चाहिए

  • गोवर्धन पूजा कभी भी बंद कमरे या फिर चार दिवार के अंदर नहीं होता है इसलिए कभी भी आपको वचन पूजा को करें तो किसी खुले स्थान पर करें।
  • गोवर्धन पूजा के दिन गाय माताओं की पूजा की जाती है हमारे भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है इनकी पूजा करना बिल्कुल ना भूलें वरना आपको लाभ नहीं मिलेगा।
  • गोवर्धन पूजा के दिन कभी भी आप चंद्रमा का दर्शन नहीं करेंगे क्योंकि इस दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं किया जाता है।
  • गोवर्धन पूजा के दिन अगर आप गोवर्धन पर्वत की पूजा करने जाते हैं तो हो सके आप साफ स्वच्छ कपड़ा पहन करी जाए गंदे कपड़े पहन पूजा ना करें।
  • गोवर्धन पूजा कभी भी अकेले नहीं की जाती है इस बात का ध्यान रखें गोवर्धन पूजा अपने सभी परिवार के साथ में एक साथ होकर इस पूजा को करना चाहिए।
  • गोवर्धन पूजा के दिन कभी भी पेड़ पौधा को नहीं काटना चाहिए और इस दिन हो सके काला या फिर नीला रंग का वस्त्र आप नहीं पहने।

गोवर्धन पूजा की विधि

गोवर्धन पूजा के दिन सभी लोग सुबह सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करते हैं इसके बाद रसोई घर में जाकर अच्छे-अच्छे पकवान बनाते हैं इसके बाद फिर गाय के गोबर से और मीठी से गोवर्धन पर्वत भगवान श्री कृष्ण खेत के औजारों की प्रतिमा को बनाई जाती है।

और सभी की पूजा की जाती है और नवेद भी चढ़ाया जाता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की भी पूजा की जाती है और जैसे ही पूजा समाप्त होता है पूरा परिवार एक साथ भोजन करता है।

Read this Also:- Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

मथुरा के लोग गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन पर्वत की सात परिक्रमा करते हैं इसके बाद फिर गोवर्धन की पूजा करते हैं इस पूजा में दूध, दही, गंगाजल, शहद प्रसाद के तौर पर चढ़ाया जाता है फिर पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद लोगों में बांट दिया जाता है।

गोवर्धन पूजा पर 10 लाइन हिंदी में – 10 Lines on Govardhan Puja

  • गोवर्धन पूजा को अंत्रकुट के रूप में भी जाना जाता है।
  • गोवर्धन पूजा हर साल दिवाली के दूसरे दिन आता है लोग इसे बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं।
  • कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में गोवर्धन पूजा हर साल मनाते हैं।
  • गोवर्धन पूजा हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और पावन त्यौहार होता है।
  • साल 2021 में गोवर्धन पूजा 5 नवंबर शुक्रवार को मनाया जाएगा।
  • गोवर्धन पूजा के दिन हमारे भगवान श्री कृष्ण ने अपनी सिर्फ एक उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठा कर भगवान इंद्र का घमंड तोड़ा था और इसी वजह से इस दिन को गोवर्धन पूजा के नाम से भी मनाने जाने लगा।
  • गोवर्धन पूजा के दिन सभी लोग 56 तरह का व्यंजन बनाते हैं और सबसे पहले भगवान को परोसते हैं।
  • इस दिन सभी लोग गाय के गोबर से भगवान श्री कृष्ण बहुत प्यारी प्यारी मूर्तियां बनाकर उनकी पूजा करते हैं।
  • गोवर्धन पूजा के दिन देवी अन्नपूर्णा गाय माता और भगवान श्री कृष्ण की बहुत ही धूमधाम से पूजा की जाती है।
  • भगवान श्री कृष्ण मथुरा में रह कर देते हैं इसलिए मथुरा के वासी गोवर्धन पूजा कब बहुत ही धूमधाम से और उत्साह के साथ हर साल मनाते हैं।

Conclusion 

आज हमने जाना गोवर्धन पूजा पर निबंध (Govardhan Puja Essay in Hindi) के बारे में दोस्तों भारत त्योहारों का देश है हम सभी जानते हैं हमारे भारत देश में कई तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं लेकिन हर एक त्यौहार मनाने के पीछे कारण है।

दिवाली हम इसलिए मनाते हैं क्योंकि इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था और 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौट रहे थे उनके आने की खुशी में दिवाली को मनाया गया इसी तरह और भी व्यवहार है उनके पीछे भी कोई ऐतिहासिक कहानियां है।

अगर हम भारत में रहते हैं हम एक भारतीय वासी हैं तो हमें अपने भारत के त्योहारों के बारे में जरूर जाना चाहिए और हर त्यौहार को बहुत ही उत्साह के साथ मनाना चाहिए अपने परिवार अपने दोस्तों के साथ मनाना चाहिए।