हेलो दोस्तों! आज हम बहुत महत्वपूर्ण विषय के बारे में चर्चा करने वाले जिनके बारे में आपको जानकारी होनी बहुत जरूरी है आज हम ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming Essay in Hindi) के बारे में बात करने वाले हैं।

आज के इस लेख में आपको ग्लोबल वार्मिंग के ऊपर काफी अच्छे-अच्छे निबंध पढ़ने को मिलेंगे जिसका उपयोग आप अपने स्कूल या फिर कॉलेज के Project के लिए कर सकते हैं।

हमारे पृथ्वी पर जब एक Average Temperature से ऊपर बढ़ने लग जाता है तब इस स्थिति को हम लोग ग्लोबल वॉर्मिंग के नाम से जानते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने का मुख्य कारण ग्रीनहाउस गैसों का अनियंत्रित रूप से जलना इस ग्लोबल वॉर्मिंग का मुख्य कारण बनता है।

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ग्लोबल वॉर्मिंग ग्रीन हाउस गैसों कि अधिक बढ़ोतरी के कारण हमारे पृथ्वी के ऊपर एक Natural तरीके से गैस की परत बना लेती है जो धीरे-धीरे काफी बढ़ती जा रही है अगर आने वाले समय में हम ग्लोबल वॉर्मिंग पर ध्यान नहीं देते हैं तो यह हम सबके लिए यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।

सूरज की रोशनी हमारी धरती पर आती है फिर Reflect होकर वापस चली जाती है। पृथ्वी पर सारे वायुमंडल गैसों से मिलकर बना है उसी गैस में से एक गैस ग्रीन हाउस गैस है जोकि सूर्य की रोशनी को वापस जाने से रोक लेती है और यह दिन पर दिन काफी ज्यादा मात्रा में सूर्य की रोशनी को रोक रही है जिसकी वजह से पृथ्वी के स्तर पर गैसों की परत मोटी होती जा रही है जिसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध – Global Warming Essay in Hindi (350 Words)

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पूरे देशों में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा कितनी बढ़ चुकी है और इसी की वजह से ग्लोबल वॉर्मिंग पृथ्वी के स्तर पर बढ़ते जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग किसी एक देश की समस्या नहीं है यह पूरे देशों की समस्याएं और यह आए दिन बढ़ते ही जा रहा है।

ग्लोबल वॉर्मिंग को ठीक करने की जिम्मेवारी हम सब की है नहीं तो आने वाले समय में पृथ्वी की गर्माहट बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी जो कि इंसानों के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती है।

हमारे पृथ्वी का तापमान जैसे जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे कई तरह के खतरे सामने आने की संभावना बढ़ती जा रही है और कहीं ना कहीं पृथ्वी पर जीवन की संभावना धीरे धीरे कम हो सकती है इसलिए ग्लोबल वॉर्मिंग के स्तर को कम करना अधिक आवश्यकता है।

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ग्लोबल वॉर्मिंग बहुत ही जटिल समस्या बन चुकी है। जिस पर वैज्ञानिकों को ध्यान देने की अधिक आवश्यकता है। हमारे इस खूबसूरत से पृथ्वी पर जीवन की बहुत बड़ी गाड़ी चलती है इंसान जीव जंतु यह सब इस धरती पर जीते हैं लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग जैसे ऐसी कई सारे प्रभाव है जो हमारे पृथ्वी को आने वाले कुछ समय में नाच कर सकती है पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड जिसे हम CO2 के नाम से जानते हैं।

इसकी मात्रा काफी तेजी से बढ़ती जा रही है और इसके वजह से गरम लहरें उठना, अचानक से तूफान आ जाना, Ozone Layer पर भारी नुकसान आना तेज बारिश आना बढ़ाना भूकंप आना ज्वालामुखी का फटना और ऐसे कई सारी चीजें हैं जो हमारे जीवन को बहुत ही बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रही है।

ऐसे कई सारी जगह है जहां पर कितने सारे पेड़ काट दिए जाते हैं इनकी वजह से ऑक्सीजन की कमी होनी शुरू हो जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ोतरी शुरु हो जाती है। पेड़ को काटे नहीं जितना हो सके उतना पेड़ को लगाएं ताकि आप जितना पेड़ को लगाएंगे ऑक्सीजन की मात्रा उतनी ही आप तक पहुंचेगी और ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी चीजें नियंत्रित रहेंगी।

कुछ वैज्ञानिकों का कहना यह भी है कि इसी तरह अगर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती रहे और यह Controlled मैं नहीं होती है तो आने वाले कुछ सालों में ग्लोबल वॉर्मिंग बहुत तेजी से बढ़ जाएगा जिस वजह से पृथ्वी का तापमान काफी ज्यादा हो जाएगा और इससे पर्यावरण को बहुत ही बुरा असर पड़ेगा।

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (500 शब्दों में)

ग्लोबल वॉर्मिंग पृथ्वी पर अपने स्तर बढ़ाते जा रहा है और ग्रीन हाउस गैस प्रभाव के कारण कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ चुकी है और इसमें सभी ग्रीनहाउस गैस जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, ओजोन, जलवाष्प Thermal Radiation को Absorbed करती है और हर एक दिशाओं से किरण फेल कर पृथ्वी के सतह पर वापस आ जाती है।

इसकी वजह से पृथ्वी का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है और यही एक मुख्य कारण है ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने का अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा काफी बढ़ जाएगी जिस वजह से पृथ्वी का सतह काफी गर्म हो जाएगा जो जीवित वस्तु के लिए काफी नुकसानदायक हो सकती है इसलिए हम सबको बुरी आदतों को बंद करना होगा जैसे कि पेड़ को काटना, बिजली का ज्यादा उपयोग करना, लकड़ी को जलाना इत्यादि

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ग्लोबल वॉर्मिंग किसी एक परिस्थिति की वजह से नहीं बढ़ता है इसके बढ़ने के कई सारे कारण हो सकते हैं जिसमें से कुछ Naturally हो सकते हैं और कुछ इंसानों की वजह से भी हो सकते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग में मुख्य कारक ग्रीन हाउस गैस प्रभाव द्वारा उत्पन्न होता है जो कि कुछ प्राकृतिक रूप से होता है और कुछ इंसानों के द्वारा उत्पन्न होता है।

कुछ वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) की मात्रा काफी बढ़ चुकी है जिसकी वजह से ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है।

एक Survey के अनुसार पिछले 10 सालों में हमारे धरती का औसत तापमान 0.3 से लेकर 0.6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गई है और यह भी बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में ऐसा ही हाल रहा तो ग्लोबल वार्मिंग और भी बढ़ेगी।

जैसे-जैसे ग्लोबल वॉर्मिंग की गर्माहट बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे कई सारे ग्लेशियर पिघलना शुरू हो जाएंगे मैं आपको बता दूं US Geological Survey के अनुसार Glacier National Park जोकि USA मैं मोंटाना शहर में है वहां पर कॉल 150 ग्लेशियर थे लेकिन अभी सिर्फ वहां 25 ग्लेशियर बचे हैं बाकी के ग्लेशियर ग्लोबल वॉर्मिंग के गर्माहट से निकल चुके हैं और अगर इसी तरह पृथ्वी के स्तर पर ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ोतरी होती रही तो आने वाले समय में यह ग्लेशियर भी खत्म हो जाएंगे।

ग्लेशियर पानी में पिघलने की वजह से समुद्र की स्तर पर काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी जा रही है। आने वाले समय में इसी तरह कैसिया पिघलते रहे तो समुंदर में पानी की मात्रा काफी ज्यादा हो जाएगी जिसकी वजह से बाढ़ भी आ सकती है जिसमें काफी लोगों की जान भी जा सकती है काफी लोग बेघर हो सकते हैं इससे इस को रोकना बहुत ज्यादा आवश्यक है।

ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पृथ्वी पर गर्माहट काफी ज्यादा बेड जाएगी जिसके वजह से इंसानों को जानवरों को पशुओं को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है और ऐसे कई सारे बीमारियां आएंगे जोकि ग्लोबल वार्मिंग के गर्माहट की वजह से होंगे दोस्तों मैं आपको बता दूं इन बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, येलो फीवर और भी कई तरह की बीमारियां बढ़ेंगे और तो और इसमें कई लोग अपनी जान भी गंवा बैठेंगे इसलिए ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है नहीं तो आने वाले समय में बहुत सारे जीव जंतु इसके चपेट में आजाएंगे।

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (800 शब्दों में)

ग्लोबल वार्मिंग के कारण हमारे पृथ्वी का स्तर लगातार खराब होता जा रहा है इसकी वजह से काफी सारे चीजों पर इसका बहुत बुरा असर हो रहा है देवर भाभी के वजह से हमारे पृथ्वी के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बहुत बुरा असर हो रहा है अगर ऐसे स्थिति रहे तब आगे बहुत नुकसान उठाना पड़ सकता है अगर हमें अपने पृथ्वी को बचाना है तो इस ग्लोबल वॉर्मिंग को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है नहीं तो ग्लोबल वार्मिंग की गर्माहट सब को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।

ग्लोबल वार्मिंग की औसत तापमान साल 1950 से बढ़ती जा रही है और अब तक इसका असर पृथ्वी पर दिखने लगा है हालांकि ग्लोबल वॉर्मिंग कुछ प्रकृति रूप से भी बढ़ रहा है और कुछ मना द्वारा बढ़ रहा है।

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ग्लोबल वार्मिंग मैं कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ रही है जिसकी वजह से पृथ्वी का सतह का तापमान नियंत्रित नहीं है और यह दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहा है यह समस्या हर एक देश की है हर एक जगह की है जिसे हम सब अपने सकारात्मक भाव से हल करेंगे इसी कम करेंगे क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग को कम करना अधिक जरूरी है नहीं तो ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से पृथ्वी पर बहुत सारे खतरे पनप जाएंगे और उसका सामना शायद ही कोई कर पाएगा।

ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने का कारण

ग्लोबल वार्मिंग बढ़ने का कारण ग्रीन हाउस गैस प्रभाव ही है जिसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है। वैसे तो ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने का ऐसे कई कारण है मैं आपको बता दूं अभी के समय में हम मनुष्य इतनी तरक्की कर चुके हैं सपने साजन के लिए वैज्ञानिकों ने बड़ी-बड़ी खोज निकाली है और हम इंसान अपने साधन के लिए बहुत सारे चीजों का इस्तेमाल करते हैं जैसी गाड़ी, मोटरसाइकिल, बरे बरे Industries, बड़ी बड़ी Factory इन सब से निकलने वाली दुआ ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने का कारण बनता है।

ग्लोबल वार्मिंग का भरने का कारण यह भी है कि हम मनुष्य अपने घरों में कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड का इस्तेमाल काफी अधिक मात्रा में करते हैं शायद आपको नहीं पता यह दोनों गैस हमारे

फ्रिज में और ऐसी में पाए जाते हैं जिसकी वजह से चीज है ठंडी रहती हैं लेकिन जब यह गैस वातावरण में मिल जाती हैं तब यह बहुत गर्माहट पैदा करती हैं इसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ जाता है।

ग्लोबल वार्मिंग का बढ़ने का प्रदूषण भी मुख्य कारण है पड़ोसन के वजह से लगातार हर साल इतना पोलूशन बढ़ता है इसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग निरंतर बढ़ती जा रही है। अभी के समय में हमारे पूरे देशों की संख्या तकरीबन पहुंच जाती है और यह संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है जितने लोग बढ़ते जाएंगे उतना ही ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ता जाएगा कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती जा रही है जिसकी वजह से Ozone Layer को भी काफी हानि पहुंच रहा है। पेड़ों को काटना बड़ी बड़ी फैक्ट्री बनाना इंडस्ट्रीज बनाना उन सब से निकलने वाले धुआ यह सब ग्लोबल वॉर्मिंग को बढ़ाने का मुख्य कारण बन जाता है।

ग्लोबल वॉर्मिंग को कैसे कम कर सकते हैं?

ग्लोबल वार्मिंग की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और यह समस्या अभी से नहीं है बल्कि काफी समय से चल रही है और यह पृथ्वी के स्तर पर कभी ज्यादा बढ़ क्या है इसकी वजह से बहुत सारे नुकसान देखे जा रहे हैं बहुत सारे ग्लेशियर पिघल कर नदी बन चुकी है।

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ग्लोबल वार्मिंग की गर्माहट से पृथ्वी का औसत तापमान काफी बढ़ चुका है जो कि हर किसी के लिए सही नहीं है इसका नियंत्रण होना बहुत जरूरी है। इसे कम करने के लिए हम लोगों को काफी प्रयास करना होगा क्योंकि इसका औसत तापमान काफी बढ़ चुका है इसे कम करने में काफी मेहनत लगेगी हमें कई तरह के प्रयास करने पड़ेंगे आइए मैं आपको कुछ ऐसे Points बताता हूं जिसकी मदद से ग्लोबल वॉर्मिंग को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

  • सबसे पहले हम सभी को क्योटो संधि प्रोटोकॉल का पालन करना होगा यह प्रोटोकॉल अंतर्राष्ट्रीय मैं लागू हुआ जिसमें ग्लोबल वॉर्मिंग द्वारा हो रहे जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए लागू किया गया था। इस प्रोटोकॉल को जापान में एक 11 दिसंबर 1997 को लाया गया था और इसका लागू 16 फरवरी 2005 को हुआ था।
  • ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के जिम्मेदारी सिर्फ वैज्ञानिकों और सरकारों की नहीं है हर एक नागरिक की भी है हम जितना फिजूल पेट्रोल डीजल और बिजली का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा पर आते हैं उसे कम कर सकते हैं और ग्लोबल वॉर्मिंग को काफी हद तक नियंत्रण कर सकते हैं।
  • जैसा कि मैंने आपको बताया पेड़ों को काटना बंद करें क्योंकि पेड़ से हमें ऑक्सीजन मिलता है और इससे ग्लोबल वॉर्मिंग का औसत तापमान नियंत्रित रहता है इसलिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं और पेड़ को काटना बंद कर दें।
  • विज्ञानिक दिन पर दिन इतने सारे रिसर्च कर रहे हैं इंसानों के साधनों के लिए वाहन, मोटरसाइकिल बना रहे हैं लेकिन इससे ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ेगी इसलिए वैज्ञानिकों को ऐसे मोटरसाइकिल, वाहन बनाने चाहिए जिसमें धुए का इस्तेमाल बिल्कुल ना हो जिसकी मदद से पॉल्यूशन नहीं होगी और ग्लोबल वॉर्मिंग नियंत्रित रहेगा।

FAQ on Global Warming in Hindi

Q1. ग्लोबल वॉर्मिंग किस कारणों से बढ़ रहा है?

अभी के समय में अलग-अलग तरह की खोज हो चुकी है इंसानों के साधनों के लिए काफी कुछ लाया गया है जिसमें से वाहन है और वह हमसे प्रदूषण फैलता है जो ग्लोबल वॉर्मिंग को बढ़ाता है और ग्लोबल वॉर्मिंग को बनाने के पीछे ग्रीन हाउस गैस प्रभाव का भी हाथ है और कहीं ना कहीं पेड़ों की कटाई ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने मैं शामिल है।

Q2. ग्लोबल वॉर्मिंग को रोका कैसे जाए?

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हमें सरकार को विनती करनी होगी कि पेड़ों की कटाई बंद करें और जितना हो सके उतना पेड़ लगाएं और बिजली और ऑटोमोबाइल का उपयोग जितना जरूरी है उतना ही करें नहीं तो ग्लोबल वॉर्मिंग इसी तरह बढ़ता जाएगा।

Conclusion

ग्लोबल वार्मिंग की समस्या दिन पर दिन काफी ज्यादा बढ़ रही है जिसकी वजह से दुनिया में ऐसे कई जगह है जहां पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है और इंसानों के जीवन पर भी इसका असर शुरू हो गया है अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले समय में इसकी गर्माहट से बहुत सारे जाने जाएंगे। मुझे आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा घरों में बिजली का उपयोग उतना ही करें जितना की आवश्यकता हो और वाहन का उपयोग उतना ही करें जितने की आवश्यकता हो नहीं तो ग्लोबल वॉर्मिंग का आंकड़ा आने वाले समय में बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।