Diwali History in Hindi | दिवाली का इतिहास और इसका महत्व

हमारा भारत त्योहारों का देश है हमारे देश में अलग-अलग तरह के त्यौहार मनाए जाते हैं सारे त्यौहार बहुत ही आनंद लेकर आते हैं इन सारे त्योहारों को हम बड़ी धूमधाम से मनाते हैं।

जितनी भी त्यौहार अपने देश में मनाते हैं सारे महत्वपूर्ण तिवारी और उन सारे महत्वपूर्ण दीवारों में से एक थे बार दिवाली में दिवाली का त्यौहार हर घरों में खुशियां लाता है हर घरों में बुराई हटाकर अच्छाई को लेकर आता है।

इस त्यौहार में हम अपने दोस्तों अपने परिवारों के साथ मिलकर मनाते हैं इस त्योहार में दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं इतना अनोखा है यह दिवाली का त्यौहार आज मैं आपको इसके इतिहास के बारे में बताने वाला हूं।

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दिवाली पर्व की महत्व के बारे में बताने वाला हूं इसलिए यह लेख को अंत तक पढ़े। आपको दिवाली के इतिहास के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आजकल के युवक पीढ़ी को कुछ नहीं मालूम होता है इसलिए आज का यह लेख आपको दिवाली का इतिहास बताएगा।

दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जिसे बच्चे जवान बूढ़े सभी बहुत ही खुशी से और बहुत उल्लास से मनाते इस त्यौहार का इंतजार सभी लोग बेसब्री से करते हैं। सारे भगवान में से सिर्फ माता लक्ष्मी ऐसी देवी है जो इस संसार में भौतिक सुखों की प्राप्ति करवाती है।

इसलिए दिवाली के इस त्यौहार में सभी लोग माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा करते हैं ताकि उनके घरों में सुख समृद्धि और धन का वास हो इसी के साथ माता लक्ष्मी जी की कथा कराई जाती है उनकी पूजा कराई जाती है।

Diwali History in Hindi | दिवाली का त्यौहार हम क्यों मनाते हैं

Diwali History in Hindi

दिवाली का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है दिवाली मनाने के पीछे कई कारण है वैसे तो शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो दिवाली के इस दिन हमारे भगवान श्री राम 14 सालों का वनवास काटकर अपने घर अयोध्या लौट रहे थे।

तब उनके आने की खुशी में पूरे अयोध्या पूरे जहां में जी का दिया जला कर पूरा अयोध्या को रोशन कर दिया गया था और भगवान श्री राम के आने की खुशी में सारे नगर वासियों ने दीप जलाए और खूब खुशियां मनाएं।

उसी दिन से दीपावली का यह पर्व बन गया और आज तक हम इसे दिवाली के पर्व के नाम से जानते हैं और इसे बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं और अपने घरों में माता लक्ष्मी जी की पूजा कराते हैं।

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दिवाली आमतौर पर कार्तिक मास की अमावस्या के दिन को मनाया जाता है इस दिन सभी लोग दिवाली का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं सिर्फ हिंदू ही नहीं इस पर्व को हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोग भी इसे बहुत धूमधाम से मनाते हैं।

जितनी भी धर्म इस दिवाली को पर्व को मनाते हैं उन सभी धर्मों का कोई ना कोई खास महत्व जुड़ा है दिवाली के दिल से और दिवाली पर्व को मनाने के पीछे से कई कथाएं भी है मैं आपको सारे कथाएं के बारे में बताता हूं और यह भी बताता हूं की दिवाली पर्व को क्यों मनाया जाता है।

माता लक्ष्मी का जन्म

दिवाली मनाने के पीछे पहला कारण तो यह है कि इस दिन माता लक्ष्मी जो कि धन की देवी है उनका जन्म हुआ था और मैं आपको बता दूं माता लक्ष्मी का विवाह भी इसी दिन हुआ था भगवान श्री विष्णु जी से और यही चाहिए एक कारण है।

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बहुत सारे लोग यह भी कहते हैं कि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के विवाह के जश्न पर सभी लोग अपने घर में दिए जलाते हैं और खुशियां भी मनाते हैं।

दिवाली का दिन जैन धर्म लोगों के लिए

दिवाली के दिन जैन धर्म के लोगों के लिए बहुत ही खास दिन है क्योंकि इस दिन जैन धर्म बहुत पुराने और बहुत ही आधुनिक जैन धर्म के संस्थापक जोकि दिवाली के इस पावन अवसर पर निर्वाण प्राप्त किया था और अपने जैन धर्म के लोगों के लिए इस दिन को बहुत ही खास दिन मनाया था।

सिख धर्म के लिए बहुत ही खास दिन दिवाली

दिवाली का यह दिन सिख धर्म के लोगों के लिए भी बहुत ही खास रहा क्योंकि इससे सिख धर्म के गुरु अमर दास जिन्होंने Red Letter Day के रूप में संस्था विषयक किया गया था। इसके बाद ही सभी सिख धर्म वाले लोग अपने गुरु का आशीर्वाद दिवाली के इस पावन दिन पर ही प्राप्त करते हैं।

1577 साल में दिवाली के पर्व के दिन ही अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की करणशीला (Foundation Stone) भी रखा गया था।

भगवान श्री राम के लौटने की खुशी में

जैसा कि आपको पता है दिवाली के इस दिन को हमारे भगवान श्री राम जी जो कि 14 साल का वनवास काटकर अपने घर अयोध्या लौट रहे थे उनके आने की खुशी में ही पूरे संसार में घी का दिया जला दिए कि रोशनी से पूरा अयोध्या चमक उठा था और उस दिन से दिवाली के इस त्यौहार को मनाने की प्रथा शुरू हो गई थी।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण है कि दिवाली

दोस्तों मैं आपको बता दूं दिवाली के दिन खरीफ फसल के समय आता है और किसानों के लिए दिवाली का त्यौहार मानो बहुत ही सुख और समृद्धि वाला त्यौहार है इस से वार को सारे किशन बहुत ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाते हैं।

हिंदुओं के लिए नए साल का आगमन

जैसे दिवाली आती है वैसे ही हम हिंदुओं के लिए नए सालों का आगमन शुरू हो जाता है दिवाली के साथ ही हम हिंदुओं व्यवसाय एक का नया वर्ष शुरू हो जाता है। दिवाली के त्यौहार के बाद सारे व्यवस्थाएं अपने पुराने उधार का भुगतान करते हैं और अपने नए साल की अच्छी शुरुआत करते हैं।

दिवाली का त्यौहार किस प्रकार मनाया जाता है

दिवाली राशियों का त्यौहार है आमतौर पर इस दिवाली के दिन सभी लोग अपने घरों में दिए जलाते हैं पटाखे जलाते हैं खूबसूरती से पकवान खाते हैं इस तरह से दिवाली को मनाया जाता है दिवाली कुल 5 दिनों का त्यौहार है यह 5 दिनों तक चलता है।

दिवाली की इस त्यौहार में लोग माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा करते हैं क्योंकि सुख समृद्धि धन इनसे हमें मिलता है हम अपने घरों में उनकी पूजा करते हैं इनकी आराधना करते हैं ताकि माता लक्ष्मी का आशीर्वाद हम सब पर सदा बना रहे।

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दिवाली का त्यौहार धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज पर खत्म होता है मैं आपको यह पूरे 5 दिन को क्या करते हैं कैसे बनता है यह सब बताऊंगा सबसे पहले हम धनतेरस त्यौहार के बारे में जानते हैं कि धनतेरस का त्यौहार हम क्यों मनाते हैं।

धनतेरस का त्यौहार

सारा दिन धनतेरस के रूप में मनाया जाता है जिसमें हम सब अपने बाजारों में समान खरीदने जाते हैं सोने की सामान खरीदते हैं चांदी की सामान खरीदते हैं यह धनतेरस से वार का नियम है कि आपको अपने घर में कुछ ना कुछ खरीदना पड़ता है।

दोस्तों मैं आपको बता दूं धनतेरस का अर्थ जिसमें “धन” का अर्थ धन होता है और “तेरस” का अर्थ हिंदू कैलेंडर पर चंद्र पखवारे का तेरवा दिन होता है। इस दिन समिति का उत्सव मनाया जाता है और लोग देवी लक्ष्मी की तैयारी में अपने घर की सफाई करते हैं और बाजार जाकर सोने और रसोई के नए बर्तन भी खरीदते हैं।

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी

दिवाली त्योहार के दूसरे दिन को छोटी दीवाली के रूप में या फिर नरक चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है जिसका अर्थ छोटी दिवाली होता है। लोगों का कहना है कि इस दिन देवी काली और भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का नाश किया था और 16000 बंदी राजकुमारियों को हमेशा के लिए मुक्त किया था।

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भारत में लोग इस दिन घरों के दरवाजे और अपने आंगन को बहुत ही अच्छे से सजाते रंगोलियां बनाते शुभ लाभ लिखते और खूब सारे पटाखे जलाना शुरू कर देते हैं।

दिवाली का त्यौहार

दिवाली का तीसरा दिन जोकि दिवाली का मुख दिन है इस दिन माता लक्ष्मी का पूजा होता है यह दिन दिवाली त्योहार का बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन को आवश्यक रूप में हम जानते हैं और यह अमावस्या का दिन होता है।

पूरे साल में सबसे काली रात किस दिन होती है इसलिए जिस दिन को शाम में माता लक्ष्मी का पूजा होता है ताकि काली रात दीयों की रोशनी से रोशन हो जाए और बुराई पर अच्छाई की जीत हो जाए।

इस दिन पूरी रात लोग खूब सारे पटाखे जलाते हैं जगह-जगह आतिशबाजी करते हैं और सारे लोग अपने घरों में मिट्टी के छोटे-छोटे दिए और मोहम्मद दिया भी चारों ओर जलाते हैं।

दिवाली का चौथा दिन

दिवाली के चौथे दिन लोग बहुत ही अलग अलग तरह से मनाते हैं लोगों का मानना है कि उस दिन भगवान कृष्ण जी ने गरज और बारिश के देवता इंद्र को हराया था लेकिन कुछ जगह पर जैसे कि गुजरात में इस दिन सभी लोग नए साल की शुरुआत के रूप में मनाते हैं।

महाराष्ट्र शहर में इस दिल दानव राजा बलि का आशीर्वाद लेने के लिए बलि पूजा की जाती है और इस दिन को धूमधाम से मनाया जाता है।

भाई दूज का त्यौहार

दिवाली का आखरी दिन हम भाई दूज के रूप में मनाते हैं यह त्यौहार मेरी सारी बहनों के लिए होती है। हमारे भारत देश में रक्षाबंधन एक त्यौहार है जिसमें बहन अपने भाइयों के कलाई में राखी बांधती है उसी तरह भाई दूज का यह रस्म निभाया जाता है। भाई बहन अपने बंधन और रिश्ते का सम्मान करने के लिए इस त्योहार को मनाते हैं।

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दिवाली का महत्व हिंदी में

मैं आपको दिवाली के महत्व के बारे में बताऊंगा कि कैसे दिवाली का त्यौहार हम हिंदुओं के लिए महत्वपूर्ण त्योहार है इस दिन हम खूब सारे दिए जलाते हैं ताकि दीए की रोशनी से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हो।

  • दिवाली त्योहार गम्मत सबसे पहले तो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इस दिन दिवाली के त्योहार से लोगों के दिलों में बुराई खत्म होती है और अच्छाई और सच्चाई हमेशा के लिए जन्म लेती है।
  • ग्रंथों के अनुसार दिवाली के इस दिन पटाखों को जलाना बहुत जरूरी होता है इसको शुभ माना जाता है पटाखे जलाकर लोग अपनी खुशी जाहिर करते हैं।
  • दिवाली के त्यौहार के दिन माता लक्ष्मी का पूजा करना बहुत जरूरी है क्योंकि दिवाली का त्योहार सुख, समृद्धि, धन का दिन होता है और सारे भगवानों में माता लक्ष्मी धन की देवी है सुख, समृद्धि की देवी है इसलिए उस दिन उनका पूजा सच्चे मन और श्रद्धा से लोग करते हैं ताकि उनके जीवन में धन की कमी कभी ना हो।
  • दिवाली के दिन लोग अपनी खुशी जाहिर करने के लिए अपने दोस्तों को अपने परिवारों को दिवाली की ढेर सारी बधाइयां देते हैं शुभकामनाएं देते हैं और खूब सारी मिठाइयां खिलाकर उनके मुंह मीठा कर दे ऐसे करने से आपस में प्यार बढ़ता है और कहीं ना कहीं दिवाली का यह त्यौहार लोगों में प्यार भर आता है और आपस में जोड़कर काम करने की शक्ति देता है।
  • दिवाली का त्यौहार सुख और शांति का त्यौहार है इस त्यौहार के आने से पहले ही घरों में साफ सफाई होती है और सारे घरों में दुखों का अंधेरा दीए की रोशनी से भाग जाता है और सभी लोग दिवाली के त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते है।

Conclusion

दिवाली हमारे भारत देश में सबसे महत्वपूर्ण और उत्सव बड़ा त्यौहार है इस त्यौहार को भारत के ज्यादातर जगह पर मनाया जाता है यह त्यौहार हिंदुओं के साथ-साथ सीख, जैन, बौद्ध धर्म के लोग भी बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं दिवाली का त्यौहार बहुत ही खुशियों का त्योहार है।

इस दिन सभी लोग अपने दुख दर्द भूल कर एक दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं पटाखे जलाते हैं मिठाई खाते हैं। साल 2021 में, दिवाली 4 नवंबर गुरुवार के दिन आ रहा है। हम सब बहुत ही उत्साह से इस दीवाली के त्यौहार को मनाएंगे कोशिश हमारी यही रहेगी कि हम पटाखे जतन ना जलाएं क्योंकि पटाखे जलाने से प्रदूषण बहुत फैलता है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है।

इसलिए पटाखे को कम जलाएंगे और मिठाइयां ढेर सारी खाएंगे और आप अपनों के साथ प्यार बाटेंगे इस दिवाली सभी का दुख दर्द कम हो सभी खुशी से झूमे ऐसी दुआ करते हैं हम दिवाली का यह त्यौहार आपके जीवन में लाए खुशियां हजार, हैप्पी दिवाली।

"Hey, I’m Mangesh Kumar Bhardwaj, A Full Time Blogger , YouTuber, Affiliate Marketer and Founder of BloggingQnA.com and YouTube Channel. A guy from the crowded streets of India who loves to eat, both food and digital marketing. In the world of pop and rap, I listen to Ragni."

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