Bhagwat Geeta in hindi PDF | Download Bhagwat Geeta PDF

(Bhagwat Geeta in hindi PDF) नमस्कार दोस्तों! भगवत गीता अपने अपने जीवन में कभी ना कभी जरूर एक बार पढ़ा होगा अगर आपने भगवत गीता को नहीं पढ़ा है तो आपने अपने जीवन का बहुत महत्वपूर्ण अध्याय नहीं किया है और इसीलिए आप अपने जीवन में परेशान हो या फिर आप भगवत गीता को पढ़ना चाहते हैं।

अगर आप स्वच्छता को पढ़ना चाहते हैं तो किसके लिए आज के यह आर्टिकल आपके लिए बहुत काम का होने वाला है क्योंकि आज मैं आपको इस आर्टिकल में भगवत गीता के बारे में पूरा विस्तार रूप से बताऊंगा और उसके श्लोक अध्याय के बारे में बताऊंगा जिससे आप भगवत गीता ग्रंथ के बारे में जानकारी हासिल कर पाएंगे।

दोस्तों हम सभी जानते हैं कि भगवत गीता हमारे मानव जीवन के लिए एक बहुत ही अच्छा अध्याय होता है हमारे मानव जीवन में जितनी भी परेशानियां आती है उन सब का जवाब भगवत गीता ग्रंथ में एक-एक करके पूरा विस्तार रूप से बताया गया है।

अगर आपने भगवत गीता को पढ़ा है तो आप जानते होंगे कि भगवत गीता में कई सारे अध्याय और श्लोक शामिल है जिसे पढ़कर आप का ज्ञान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और अगर हम बात करें भगवत गीता का उद्देश्य का तो आज से तकरीबन 7000 साल पहले भगवत गीता सुनाई गई थी और इस गीता का खासियत यह है कि आज के दिनों में भी उतना ही खास है।

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हर कोई भी मनुष्य इस भगवत गीता को पढ़ लेता है तो उसे अपने जीवन के सारे समस्या का समाधान मिल जाता है और मैं आपको बता दूं कि धरती पर मानव का इसको भी नहीं था तब से भगवत गीता का स्वाद हो चुका था और तब से इस गीता मैं ऐसे बहुत सारे महत्वपूर्ण अध्याय रखे गए और उन्हें बहुत महत्वपूर्ण माना गया।

भागवत गीता क्या है?

सबसे पहले हम यह जानते हैं कि भगवती गीता क्या है क्योंकि बहुत सारे लोगों को नहीं पता है कि भगवत गीता है क्या और इसका मतलब क्या होता है भगवत गीता के बारे में जानकारी होनी बहुत जरूरी है क्योंकि भगवत गीता ही एक ऐसा गीता है जिसमें मनुष्य के सारे परेशानियों का हल दिया गया है।

जब कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का युद्ध आरम्भ हुआ तो भगवान श्री कृष्ण पांडु पुत्र अर्जुन के रथ के सारथी बने। युद्ध के मैदान में अपने ही सगे संबंधियों को अपने प्रतिद्वंदी के रूप में सामने देख  अर्जुन के हाथ पांव फूलने लगे। उसने घबरा कर अपना गांडीव (अर्जुन के धनुष का नाम ) नीचे रख दिया और कहा

“हे माधव, मुझसे यह न हो पाएगा”

उसी समय भगवान श्री कृष्ण ने युद्ध से सबंधित जो ज्ञान दिए उन्ही को श्रीमद भागवत गीता में संग्रहित किया गया है। आज के अपने इस अंक में हम आपको इसी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराएंगे और भगवत गीता के बारे में हम आपको विशाल रूप से जानकारी देंगे जिससे कि आप यह जान पाओगी भगवत गीता एक मनुष्य के जीवन में कितना महत्वपूर्ण साबित होता है।

गीता को किसने लिखा?

महर्षि वेदव्यासजी ने महाभारत की रचना के साथ साथ भगवान द्वारा बोले गए वचनों को गीता में मूल रूप में संग्रहित किया। बाद में इन्ही वचनों को अलग अलग आचार्यों ने मूल रूप को उनकी व्यख्या के साथ प्रकाशित करवाया। आज हम बाजार में भागवत गीता के कई रूप को पा सकते हैं जिनमे श्लोक सभी एक ही है लेकिन उनकी अलग अलग तरह से व्यख्या की गई है।

भगवत गीता तो भगवान के द्वारा ही की गई थी लेकिन आज के समय में भगवत गीता आपको हर एक बाजार में देखने को मिल जाएगा लेकिन आज कई सारे लोगों के लिए भगवत गीता का मूल्य नहीं है क्योंकि बहुत गलत बात है भगवत गीता है तो एक किताब लेकिन उसकी खासियत उसका मूल्य बहुत ज्यादा है।

अगर आप भगवत गीता को एक बार अपने जीवन में उतार देते हैं तो आपका जीवन बहुत ही सरलता पूर्वक बिकने लगेगा और आपके जीवन में जितने भी परेशानियां हैं उन सब का एक-एक करके स्पष्ट रूप से हल भगवत गीता में किया गया है भगवत गीता एक ऐसा ग्रंथ है जिसे पहले के जमाने महापुरुषों के द्वारा लिखा गया था।

भागवत गीता में कुल कितने अध्याय हैं?

अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह आता है कि भगवत गीता में कुल कितने अध्याय होते हैं भगवत गीता में दोस्तों कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। किसके बारे में भगवत गीता में पूरा विस्तार रूप से बताया गया है इसमें इतने सारे लोग दिए गए हैं जिसे आप एक बार पढ़ लोगे तो आपके जीवन में सारे समस्या अपने आप खत्म हो जाएगी और आपका ज्ञान बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा।

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हमारे हिंदू धर्म में इसलिए एकादशी चौकी एक ऐसा दिन होता है जिसमें औरतें व्रत रखती हैं यह दिन हमारे हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा पवित्र और महत्वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि इस दिन ही गीता उपदेश कुरुक्षेत्र की रणभूमि में रविवार के दिन चुना गया था और वह दिन एकादशी का दिन था इसलिए इस दिल को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

गीता में श्लोकों की संख्या कितनी है?

भागवत गीता में कुल 18 अध्याय हैं जिनमे कुल सात सौ श्लोक हैं। अलग अलग अध्यायों में श्लोकों की संख्या अलग अलग है। अगर आप सारे अध्याय पढ़ते हैं तो आपको 700 शुरू करना होगा जिस की अहमियत कई ज्यादा है और अगर आपने इन सारे फलों को पढ़ लिया तो आपके जीवन में परेशानियां काफी बहुत कम हो जाएगी।

भागवत गीता एक प्रामाणिक शास्त्र है

गीता को एक प्रामाणिक शास्त्र माना गया है। ऐसा माना जाता है कि विश्व की सभी समस्याओं का समाधान गीता में उपलब्ध है। बस आवस्यकता है तो इसे किसी उचित आचार्य के अधीनस्थ पढ़ने और समझने की। अगर गीता को आप पढ़ते हैं तो मैं आपको लिख कर देता हूं कि आपके जीवन का सारा हल मिल जाएगा।

भगवत गीता सिर्फ एक किताब नहीं है यह एक ऐसा साथ रहे जिसका उपयोग आप अपने जीवन को बेहतर बनाने में कर सकते हैं जितने भी लोग हैं जो भगवद्गीता को रोजाना ग्रहण करते हैं उन्हें पढ़ते हैं उन्हें समझते हैं उनके जीवन में परेशानियां मुसीबतें तो आती है लेकिन वह उन को हल करने में कारगर होते हैं।

भागवत और गीता में क्या अंतर है?

गीता में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को युद्ध के मैदान में बोले गए वचनों का संग्रह है, वहीं भागवत एक पुराण है जिसमें भगवान कृष्ण के विभिन्न अवतारों एवम उनकी लीलाओं का वर्णन है ।

श्रीमद्भागवत गीता की व्याख्या

अर्जुन अपने ही सगे संबंधियों को मारकर राज्य प्राप्त नही करना चाहता था, उसने श्री कृष्ण से कहा कि इससे तो बेहतर यही होगा कि वह सन्यासी बनकर अपना जीवन बिता दे। इसके साथ ही अर्जुन ने युद्ध न करने के कई तर्क श्री कृष्ण के सामने प्रस्तुत किए।

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अर्जुन के इस वर्ताव को भगवान ने कायरता का नाम दिया। भगवान श्री कृष्ण ने उसे समझाया कि एक क्षत्रिय होने के नाते ये उसका कर्तव्य है कि वो युद्ध करे। फिर भगवान ने उसे आत्मा और परमात्मा का भी ज्ञान दिया। उन्होंने बताया कि आत्मा कभी नही मरती। मनुष्य को हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। अंत मे भगवान ने उसे अपना वास्तविक रूप दिखाया। श्री कृष्ण से इन सब बातों को सुन अर्जुन ने युद्ध करने का निश्चय किया।

FAQ on Bhagwat Geeta in hindi PDF

Q1. क्या भगवत गीता पीडीएफ में उपलब्ध है?

गोरखपुर द्वारा प्रकाशित भागवत भागवत गीता के पीडीएफ को डाउनलोड कर आप आसानी से पढ़ सकते है।

Q2. भगवत गीता में कितने पृष्ठों हैं?

भागवत गीता के कुल सात सौ श्लोकों को अलग अलग प्रकाशकों ने प्रकाशित किया है, जिनमे व्यख्या के अनुसार पृष्ठों की संख्या  भिन्न भिन्न है।

Q3. क्या में भगवत कथा ऑनलाइन पढ़ सकता हूं?

आप आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध बिभिन्न साइट्स पर जाकर भागवत गीता पढ़ सकते है।

Q4. भगवत गीता का पाठ कैसे करें?

रोज सुबह स्नान आदि कर के शुद्ध मन से भागवत गीता का पाठ करना चाहिए। पाठ करते समय हमेशा आसन का प्रयोग करे एवम गीता को अपनी गोद मे बिल्कुल न रखें। इसे रखने के लिए बने स्टैंड का उपयोग करें।

Conclusion

इस प्रकार हमने आज यह जाना कि श्रीमद्भागवत गीता महाभारत का ही एक अंश है, जिसमे श्री कृष्ण के वचन श्लोकों में संग्रहित है। अलग अलग आचार्यों ने इसकी व्यख्या भी की है जिससे हमें इसे समझने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। गीता को गीतोपनिषद भी कहा जाता है, अतार्थ इसे उपनिषद की भी संज्ञा दी गई है।

भगवत गीता हमारे लिए एक जादुई मंत्र के बराबर होता है अगर कोई इंसान भगवत गीता करो सुबह उठकर स्नान कर कर पड़ता है तो उसके जीवन के आधे से ज्यादा दुख कम हो जाता है इसलिए सभी गुरु कहते हैं कि अगर आपको गीता को पढ़ना है तो सुबह सुबह उठकर स्नान कर कर गीता को पढ़ें उससे आपके जीवन में जितने भी परेशानी और दुख है वह सब कम हो जाएगी।

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