Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi:- आज हम एक ऐसे Topic लेकर आए हैं उसके बारे में बात करना बहुत जरूरी है आज हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध के ऊपर बात करने वाले हैं।

देश में हर एक कोने में आज भी कहीं ना कहीं लड़कियों पर काफी रोक लगाया जाता है। स्त्री वह पहिया है जिसकी मदद से संसार की गारी अच्छे से चलती है। आजकल सभी पुरुष को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है और उसे Support किया जाता है लेकिन जब बात आता है स्त्री की तो आज भी कुछ ऐसी जगह है जहां स्त्रियों को Support नहीं किया जाता है और उनको आगे नहीं बढ़ाया जाता है।

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हमारे देश में बेटियों की संख्या कम होती जा रही है जो आगे चलकर हमारे देश के लिए बहुत चिंता का विषय बन सकता है।

आज मैं आपको बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध बताने वाला हूं जो निबंध आपको काफी प्रोत्साहित करेगी स्त्रियों को आगे बढ़ाने में और उनकी सम्मान करने में यह Topic काफी महत्वपूर्ण है इसलिए इस निबंध को आप अंत तक जरूर पढ़ें मैंने आज यहां आपको कुछ निबंध प्रस्तुत किए हैं जिसे आप स्कूल में कॉलेज में उपयोग कर सकते हैं तो चलिए सारे निबंध को हम पढ़ते हैं और अंत में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से संबंधित कुछ ऐसे सवाल के जवाब भी मैं दूंगा जो अक्सर पूछे जाते हैं तो आइए जानते हैं।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबंध (350 शब्द)

Beti Bachao Beti Padhao Essay in Hindi

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ यह अभियान चालू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी क्योंकि हमारे भारत देश में एक ऐसी सोच थी जिसमें लड़कियों को दबाना लड़कियों को झुकाने की थी और यह आज से नहीं यह काफी सालों से ऐसा चलता आ रहा है कि लोग स्त्रियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं देते है हर क्षेत्र की बात है यह हर क्षेत्र में स्त्रियों को सपोर्ट नहीं किया जाता और यह काफी सालों से होता है लेकिन जैसे-जैसे समय बदल रहा है वैसे वैसे इंसान की सोच भी बदल रही है लेकिन आज भी स्त्रियों को उनका हक नहीं मिलता है।

इस अभियान को शुरू करने का बस एक ही मकसद है कि हमारे भारत देश में वीडियो को स्त्रियों को सम्मान मिलना चाहिए उनको पूरा अधिकार मिलना चाहिए ताकि वह अपने भारत देश का नाम रोशन कर सकें और ऐसे काफी सारी महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से हमारे भारत देश का नाम रोशन किया है जिनमें नाम आता है Mithali Raj, Mary Kom, Kamalpreet Kaur, Vinesh Phogat इत्यादि। दोस्तों मैं आपको बता दूं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने शुरू किया है इस योजना की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को पानीपत ,हरियाणा में शुरू हुई थी।

इस योजना की शुरुआत होने से पहले मोदी जी ने सभी के सामने यह घोषणा की जैसे हमारे भारत देश में बेटों का जन्म होता है तो एक उत्साह एक खुशी का माहौल चारों तरफ होती है लेकिन वहीं पर जब एक बेटी का जन्म होता है तब लोग उदास हो जाते हैं लोग खुशियां नहीं मनाते हैं।

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मोदी जी का बस यही कहना था कि जैसे बेटों के जन्म होने पर खुशियां होती है ढोल नगाड़े बचते हैं उसी तरह बेटी के जन्म होने पर भी ढोल नगाड़े बजने चाहिए और इसी के साथ मोदी जी का यह भी कहना था कि जिस घर में बेटी का जन्म होता है वह घर 5 पेड़ लगाने का संकल्प लेगा। इस योजना का उद्देश सिर्फ यही है कि जो अधिकार बेटे को दिया जाता है वही अधिकार वही सम्मान बेटियों को भी मिलना चाहिए इसलिए इस अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत हुई थी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबंध (500 शब्द)

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी और इस योजना को शुरुआत उन्हीं शहरों में हुई थी जिन शहर में बेटियों की संख्या काफी कम थी।

स्त्रियों की संख्या कम होने के कारण इस योजना को बनाया गया ताकि स्त्रियों की संख्या कम ना हो और इस योजना के माध्यम से स्त्रियों को सम्मान मिले उनकी संख्या बड़े। आमतौर पर इस अभियान का उद्देश्य बेटियों की बुरी स्थिति को ठीक करके उसे अच्छा बनाने का है जो मोदी जी के द्वारा शुरू किया गया है।

बेटियों की बुरी स्थिति को ठीक करने के लिए हमारे सरकार द्वारा यह प्रचार होना शुरू हो गया की बेटियों की अच्छी शिक्षा दो उन्हें पढ़ाओ उन्हें किसी भी तरह का बोझ ना समझो बेटी को पढ़ाओ बेटी को बचाओ यह हर जगह प्रचार होना शुरू हो गया। जिसके बाद ही कुछ लोगों की सोच बदली और उन्होंने अपनी बेटियों को बोझ ना समझ कर उनके पढ़ाई के बारे में सोचा और उन्हें पढ़ाया।

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मैं आपको बता दूं हमारा भारत देश जनसंख्या के मामले में पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है लेकिन यह बहुत शर्म की बात है की हमारे भारत देश में बेटियों को जन्म होने के बाद ही मार दिया जाता है। बेटियां हमारे घर की लक्ष्मी होती है फिर भी लोग यह पाप करते हैं सिर्फ बेटे ना होने की वजह से बेटियों को मार देते हैं इस बाप को बंद करने के लिए सरकार ने इस योजना का आरंभ किया ताकि बेटियों की संख्या दिन पर दिन कम ना हो और उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिले।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान 22 जनवरी 2015 को शुरू हुई थी इस अभियान में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भ्रूण हत्या को सीधा गैरकानूनी बताकर इसे बंद करने का घोषणा किया था और इसके बाद यह भी लागू किया गया कि अगर कोई भी डॉक्टर किसी को भी Ultrasound के द्वारा बच्चे के लिंग बताता है तो उस डॉक्टर का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।

इस अभियान को चलाने से काफी लोगों की सोच में बदलाव आया है मैं पूरी लोगों की बात नहीं कर रहा हूं क्योंकि अभी भी ऐसे कई लोग हैं जिनकी सोच अभी भी वही अटकी पड़ी है लेकिन कुछ का बदला है जैसे केवल लड़कियों को हमेशा दोस दिया जाता था चाहे वह गलत हो चाहे वह सही हो लेकिन अभी के समय में दोनों तरफ से मामला को देखा जाता है, समझा जाता है, कार्रवाई की जाती है तब जाकर फैसला सुनाया जाता है वरना पहले तो अगर किसी महिला का Rape भी हो जाता था तब भी गलती महिला की बताई जाती थी।

यह योजना सिर्फ एक योजना नहीं है यह एक अच्छी सोच है जो हमारे सरकार द्वारा लागू की गई है क्योंकि इस योजना को लागू होने के बाद थोड़ा सा ही सही लेकिन इंसानों की सोच में बदलाव आया है लोग अपनी बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दे रहे हैं उन्हें अच्छी शिक्षा देकर उन्हें प्रोत्साहित कर कर हमारे देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहला योजना नहीं है इससे पहले भी स्त्रियों के लिए और भी योजनाएं लागू किए गए थे जिसका परिणाम भी हमें मिला एक योजना जिसका नाम लाडली योजना था जोकि बेटियों के लिए लागू किया गया था इस योजना में बेटियों को पढ़ने लिखने की योग्यता बनाया था उनकी पढ़ाई उनकी शिक्षा में काफी वृद्धि हुई थी और अब बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ जोकि बेटियों की भ्रूण हत्या रोकने के लिए लागू किया गया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबंध (1000 शब्द)

अभी के समय में बहुत कुछ बदल चुका है जैसे हमारा भारत पहले हुआ करता था वैसा अब नहीं रहा है हमारा भारत देश दिन पर दिन आगे बढ़ता जा रहा है लेकिन स्त्रियों के मामले में देश आज भी वही का वही है उनको जीने का अधिकार भी उनसे छीना जा रहा है। मृत्यु एक ऐसी सच्चाई है जिसे हम भाग नहीं सकते जिस इंसान का जन्म हुआ है उस इंसान का मृत्यु भी निश्चित है।

 लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग हैं जो भगवान की देन जन्म और मृत्यु को अपने हाथ में ले लेते हैं।

इंसान का जन्म और मृत्यु ऊपर वाला तय करता है इंसान का हक नहीं है किसी को मारने का लेकिन यहां पर कुछ अशिक्षित लोग अपने हाथों से कितनों को मार देते हैं। आए दिन कुछ ना कुछ खबरें आती रहती हैं कि इस लड़की के साथ यह हुआ उसके साथ यह हुआ अक्सर लड़कियों के साथ ही बुरा क्यों होता है।

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अक्सर लड़कियों का शोषण क्यों किया जाता है हमेशा उसे नीचा क्यों दिया जाता है हमेशा उसे यह क्यों बताया जाता है कि तुम एक लड़की हो तुमसे कुछ नहीं हो पाएगा। इस अभियान से आने वाले कुछ ही समय में काफी असर दिखने लग गया है पहले के लोग शायद बेटियों के बारे में इतना नहीं सोचते थे लेकिन हमारे श्री नरेंद्र मोदी जी के वजह से यह अभियान आया और इस अभियान के वजह से अभी कई सारे लोगों की सोच में बदलाव आया है अब अपनी बेटियों को जन्म भी देते हैं उनके जन्म पर खुशियां भी मनाते हैं और उसे पढ़ा लिखा कर जिंदगी में कुछ हासिल भी करवाते हैं।

दुनिया में ऐसे इतने सारे बेटियों का कत्ल हो जाता है और कुछ बेटियां को तो पेट में ही मार दिया जाता है उस उसे भी जीने का हक है उसे भी संसार देखने का हक है। उसे भी जीने का हक है लेकिन इंसान उसे जीने से पहले ही मार देते। भ्रूण हत्या कुछ सालों में इतना बढ़ गया है कि आप जानकर हैरान हो जाएंगे इसी योजना को यूं ही नहीं लाया गया है मैं आपको बताता हूं कि इस अभियान को लाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की आवश्यकता हमारे भारत देश को क्यों पड़ी?

हमारे भारत देश में साल 1991 की एक जनगणना के अनुसार यह बात सामने आई थी कि हमारे देश में लड़कियों की संख्या दिन पर दिन काफी कम होते जा रही है इसी के बाद इस विवाद पर बातें होनी शुरू हुई और इस पर ध्यान दिया जाने लगा।

इसके के बाद धीरे धीरे हर साल लड़कियों की संख्या कम होती गई और साल 2011 तक लड़कियों की संख्या लगातार गिरती रही तब जाकर इस मुद्दे को बहुत ही Seriously लिया गया और इसके ऊपर काम किया गया।

हमारे भारत देश में पुरुष और महिला के संख्या में आपको काफी अंतर देखने को मिलेगा और यही एक वजह है कि इस अभियान की आवश्यकता परी सिर्फ महिलाओं की संख्या को बढ़ाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नहीं है बल्कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार, हिंसा, अपराधों को रोकना भी इस अभियान का मुख्य उद्देश है।

क्योंकि आए दिन इतने सारे केस आपको देखने को मिल जाते हैं जैसे आपको विश्वास नहीं होगा NCRB के मुताबिक यह देखा गया है की भारत देश में हर 16 मिनट में एक महिला का Rape होता है। हर 4 घंटों में किसने किसी एक महिला की तस्करी होती है और हर 4 मिनट में किसी महिला के ससुराल वाले उसे बहुत क्रूरता से जान से मार देते हैं यह Number दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमारे भारत सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत 22 जनवरी 2015 को की और इस अभियान की शुरुआत पानीपत, हरियाणा में हुई थी।

हरियाणा में इसकी शुरुआत होने के पीछे एक कारण है। हरियाणा देश में स्त्री और पुरुष की संख्या मैं काफी अंतर है इसलिए इस अभियान की शुरुआत से पहले हरियाणा में शुरू की गई और इस अभियान की जिम्मेवारी भारत के तीन मंत्रालय को सौंपी गई जिसमें से पहला मंत्रालय महिला और बाल विकास मंत्रालय है और दूसरा मंत्रालय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय और आखरी मंत्रालय मानव संसाधन मंत्रालय है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना (मुख्य उद्देश्य हिंदी में) 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का मुख्य उद्देश्य बेटी को बचाना है और बेटियों को पढ़ाना है क्योंकि हमारे देश में स्त्री और पुरुष के लिंगानुपात मैं काफी अंतर है उसको कम करना और इसको नियंत्रित करना है। इस अभियान के माध्यम से हमारे आसपास जितनी भी बेटियां हैं उन सब पर अत्याचार होने पर रोक लगाना है और इस अभियान के मदद से लड़कियों को उसका अपना हक दिलाना है और उसका सम्मान अधिकार भी हासिल कराना है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है इसके बारे में जाने के लिए नीचे निम्नलिखित को पढ़ें।

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से सारे लोगों को यह बताना है कि देश में जितने महत्वपूर्ण बेटे हैं उतने ही महत्वपूर्ण बेटियां भी हैं जो बेटे कर सकते हैं वह बेटियां भी कर सकती है इसलिए बेटियों को कमजोर ना समझा जाए और उनका पूरा अधिकार दिया जाए।
  • इस अभियान की मदद से बेटियों को उच्च शिक्षा प्रदान कराया जाए।
  • हर जगह हर घरों में बेटियों के लिए अच्छी शिक्षा और उसकी सुरक्षा का व्यवस्था कराया जाए।
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि इस योजना की मदद से भ्रूण हत्या को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए।
  • बेटियों को बेटों से कम न समझे जाए जैसे बेटे के जन्म पर खुशियां मनाई जाती है वैसे ही बेटियों के जन्म पर भी खुशियां मनाई जाएगी और जिस परिवार में बेटी का जन्म होगा वह परिवार पांच पेड़ लगाने का संकल्प लेगा।

FAQ on Beti Bachao Beti Padhao 

Q1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत कब और कहां हुई थी?

हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी और इन्होंने इस अभियान की शुरुआत पानीपत हरियाणा मैं 22 जनवरी साल 2015 में की थी।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का क्या लाभ है?

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का यह लाभ है की इस अभियान से बेटियों के लिए शिक्षा उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा और इस अभियान के माध्यम से भ्रूण हत्या को भी हमेशा के लिए बंद किया जाएगा।

Q3. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत कब हुई थी?

22 जनवरी 2015 

Conclusion 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान बहुत ही जोरों शोरों से चल रहा है इस अभियान के माध्यम से बहुत सारे लोगों की सोच बदली है बहुत सारे लोग अब भ्रूण हत्या के खिलाफ जा रहे हैं और अपने बेटियों के लिए अच्छी शिक्षा और अच्छी सुरक्षा प्रदान करा रहे हैं।

मैंने आज आपको बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर काफी अच्छे निबंध बताएं हैं मुझे पूरी आशा है कि आपको यह निबंध पसंद आया होगा।

हमारे भारत देश में ही नहीं बल्कि बाहर के देशों में भी बेटियों पर अत्याचार किया जाता है उन्हें मारा जाता है।

बेटियों को पूरा हक मिलना चाहिए क्योंकि जो बेटे कर सकते हैं वह बेटियां भी कर सकती है और जीने का सबको हक है सिर्फ बेटे को हक नहीं है बेटियों को भी अपने जीवन को जीने का हक है इसलिए भूर्ण हत्या जैसी पाप कभी भी आप ना करें अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दें उन्हें आगे बढ़ने के लिए Support करें।